Kullu Dussehra 2025: हिमाचल की विरासत और उत्सव की अद्भुत झलक

परिचय (Introduction):

Kullu Dussehra 2025 जिसे “देवताओं का मेला” भी कहा जाता है, भारत के सबसे अनोखे और भव्य सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है। 2025 में यह पर्व 15 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। रघुनाथ जी (Lord Raghunath) की रथ यात्रा (Rath Yatra) से शुरू होने वाला यह सात दिवसीय आयोजन दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह लेख आपको Kullu Dussehra 2025 celebration की पूरी जानकारी देगा, जिसमें इतिहास, मुख्य आयोजन, और यात्रा टिप्स शामिल हैं।

Kullu Dussehra का इतिहास और महत्व (History and Significance of Kullu Dussehra):

1637 में राजा जगत सिंह द्वारा शुरू किया गया यह पर्व, रामायण के प्रसंगों से अलग है। किवदंती है कि राजा ने रघुनाथ जी (अयोध्या के राम) की मूर्ति चुराकर कुल्लू लाई थी, और तभी से यहाँ दशहरा मनाने की परंपरा शुरू हुई। यहाँ रावण दहन नहीं होता, बल्कि देवताओं की सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर जोर दिया जाता है।

क्यों है खास? (Why is it special?):

Kullu Dussehra 2025

देवताओं की सभा: 300 से अधिक स्थानीय देवी-देवता (Local Deities) अपने भक्तों के साथ शामिल होते हैं।  

अंतर्राष्ट्रीय लोक महोत्सव (International Folk Festival): हिमाचल और विदेशी कलाकारों का प्रदर्शन।

प्रकृति का संगम: धौलाधार पर्वत और ब्यास नदी की पृष्ठभूमि में आयोजन।

Kullu Dussehra 2025 Dates और मुख्य स्थल (Kullu Dussehra 2025 Dates and Main Places):

Kullu Dussehra 2025

आरंभ: 15 अक्टूबर 2025 (रथ यात्रा के साथ)।  

समापन: 21 अक्टूबर (लंका दहन के बजाय “छड़ी यात्रा”)।  

मुख्य स्थल: धलपुर मैदान (Dhalpur Maidan), कुल्लू।

2025 के मुख्य आयोजन और आकर्षण (Main events and attractions of 2025):

1. रथ यात्रा (Rath Yatra):

Kullu Dussehra 2025

रघुनाथ जी के रथ को 6 किलोमीटर तक खींचा जाता है। इस दौरान देवताओं के ढोल-नगाड़े और नृत्य (Traditional Nati Dance) का मंचन होता है।

2. अंतर्राष्ट्रीय लोक महोत्सव (International Folk Festival):

Kullu Dussehra 2025

हिमाचल के लोक गीतों के साथ-साथ रूस, स्पेन, और जापान के कलाकारों की परफॉर्मेंस।

3. कुल्लू शो (Kullu Show):

Kullu Dussehra 2025

स्थानीय हस्तशिल्प, ऊनी शॉल, और हिमाचली टोपियों की प्रदर्शनी।

4. नरसिंह नृत्य (Narsimha Dance):

Kullu Dussehra 2025

मुखौटे पहनकर किया जाने वाला यह नृत्य असुरों पर विजय का प्रतीक है।

5. कुल्लू दशहरा की रात (Cultural Night): 

Kullu Dussehra 2025

LED लाइट्स से सजे मैदान में लोक संगीत और डांस प्रतियोगिताएँ।

कैसे पहुँचें कुल्लू दशहरा 2025 में? (Travel Guide):

Kullu Dussehra 2025

हवाईजहाज से (By Air): 

निकटतम हवाई अड्डा: भुंतर एयरपोर्ट (Bhuntar Airport), कुल्लू से 10 किमी दूर। दिल्ली और चंडीगढ़ से फ्लाइट्स उपलब्ध।

सड़क द्वारा (By Road): 

दिल्ली से कुल्लू: 530 किमी (12-14 घंटे)।  

मनाली से कुल्लू: 40 किमी (1.5 घंटे)।

ट्रेन से (By Train): 

नजदीकी रेलवे स्टेशन: जोगिंदर नगर (Joginder Nagar Railway Station), 160 किमी दूर।

2025 की खास पहल: ईको-फ्रेंडली दशहरा (Eco-Friendly Initiatives): 

Kullu Dussehra 2025

प्लास्टिक-मुक्त कार्यक्रम: थर्माकोल और प्लास्टिक के बर्तनों पर प्रतिबंध।  

सोलर पावर का उपयोग: मैदान की लाइटिंग के लिए सौर ऊर्जा।  

डिजिटल टिकटिंग: भीड़ कम करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग।

यात्रियों के लिए जरूरी टिप्स (Visitor Tips): 

Kullu Dussehra 2025

1. बुकिंग जल्दी करें: अक्टूबर में होटल्स और होमस्टे जल्द भर जाते हैं।  

2. वॉर्म कपड़े लेकर चलें: शाम को तापमान 10°C तक गिर सकता है।  

3. स्थानीय व्यंजन ट्राई करें: सिद्धू (बकरे का मीट), मद्रा (दही की करी), और बबरू (मीठा पकवान)।  

4. देवताओं की फोटो लेने से बचें: कुछ मंदिरों में फोटोग्राफी प्रतिबंधित है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):

1. कुल्लू दशहरा और अन्य राज्यों के दशहरे में क्या अंतर है?  

कुल्लू में रावण दहन नहीं होता। यहाँ देवताओं की सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख होते हैं।  

2. क्या विदेशी पर्यटक International Folk Festival में भाग ले सकते हैं?  

हाँ! कार्यक्रम की जानकारी HP टूरिजम वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।  

3. कुल्लू दशहरा 2025 की थीम क्या है?  

2025 में थीम होगी: “Sustainable Traditions: Connecting Himalayas to the World”

निष्कर्ष (Conclusion):

Kullu Dussehra 2025 celebration सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हिमाचल की संस्कृति, विश्वास और प्रकृति का जीवंत संगम है। चाहे आप इतिहास के प्रेमी हों, एडवेंचर चाहने वाले, या संस्कृति के शौकीन, यह त्योहार सबके लिए कुछ न कुछ खास लेकर आता है। 2025 में इस अद्भुत अनुभव का हिस्सा बनने के लिए अपनी योजनाएँ अभी से बनाएँ। जय रघुनाथ!  


  

 

 

  

 

 

 

 


  


Sobha Devi my site festivalgyaan is an experienced admin with a passion for writing. She brings a unique perspective to her work, blending creativity with insight

Sharing Is Caring:

Leave a Comment