Onam vs Pongal: दक्षिण भारत के दो अनोखे हार्वेस्ट फेस्टिवल

परिचय (Introduction): 

Onam vs Pongal दक्षिण भारत के संस्कृति में ओणम (Onam) और पोंगल (Pongal) दो ऐसे त्योहार हैं जो खुशहाली और फसल की खुशी मनाते हैं। लेकिन केरल का ओणम और तमिलनाडु का पोंगल अपने रीति-रिवाज़ों, इतिहास और सेलिब्रेशन स्टाइल में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। आइए, इन दोनों फेस्टिवल्स के 5 बड़े अंतर समझते हैं:

1. पौराणिक कहानी और महत्व (Mythological Story):

ओणम (Onam):  

ओणम, केरल का स्टेट फेस्टिवल, राजा महाबली की कथा से जुड़ा है। मान्यता है कि महाबली अपनी प्रजा के लिए इतने दयालु थे कि भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे हर साल केरल आकर अपनी प्रजा को आशीर्वाद देंगे। ओणम, “महाबली के घर वापसी” का प्रतीक है।  

पोंगल (Pongal):  

पोंगल का संबंध सूर्य देव (Sun God) और प्रकृति से है। यह त्योहार किसानों द्वारा फसल, मवेशियों, और प्रकृति के प्रति आभार जताने के लिए मनाया जाता है। पोंगल के दिन, तमिल लोग “भोगी” (भगवान इंद्र) और “मट्टू” (बैल) की पूजा करते हैं।  

अंतर (Difference): 

ओणम: राजा महाबली और विष्णु की कथा।  

पोंगल: प्रकृति, सूर्य और पशुओं का सम्मान।

2. सेलिब्रेशन का समय (Festival Dates): 

Onam vs Pongal

ओणम (Onam):

यह मलयालम कैलेंडर के चिंगम महीने (August-September) में मनाया जाता है। 2024 में ओणम 15 सितंबर से शुरू होगा और 10 दिनों तक चलेगा। मुख्य दिन थिरुवोणम (Thiruvonam) कहलाता है।  

पोंगल (Pongal):  

पोंगल तमिल कैलेंडर के थाई महीने (January) में मनाया जाता है। 2024 में, यह 15-18 जनवरी को होगा। पोंगल के चार दिन होते हैं: भोगी, सूर्य पोंगल, मट्टू पोंगल, कानुम पोंगल।  

अंतर (Difference): 

ओणम: सितंबर में, 10 दिन।  

पोंगल: जनवरी में, 4 दिन।

3. रीति-रिवाज़ और ट्रेडिशन (Rituals & Traditions):

ओणम की खास बातें (Special things about Onam):

Onam vs Pongal

सद्या (Onam Sadya): केले के पत्ते पर 26 व्यंजनों वाला शाकाहारी भोज।  

पुक्कलम (Pookalam): फूलों से बनाई गई रंगोली।  

वल्लमकली (Vallamkali): सांप नौका दौड़ प्रतियोगिता।  

पुलीकली (Pulikali): शेर की वेशभूषा में नृत्य।

पोंगल की खास बातें (Special things about Pongal): 

Onam vs Pongal

पोंगल डिश (Sweet Pongal): चावल, दूध, गुड़ से बनी मीठी खीर।  

कोलम (Kolam): चावल के आटे से बनी रंगोली।  

जल्लीकट्टू (Jallikattu): बैलों की प्रतियोगिता (विवादास्पद)।  

मट्टू पोंगल: गाय-बैलों को सजाकर उनकी पूजा।  

अंतर (Difference):  

ओणम: फूलों की रंगोली और सद्या भोज।  

पोंगल: पोंगल डिश और जानवरों की पूजा।

4. क्षेत्रीय प्रसार (Regional Spread):

Onam vs Pongal

ओणम (onam):

मुख्य रूप से केरल में मनाया जाता है। मलयाली समुदाय दुनिया भर में इसे सेलिब्रेट करते हैं, लेकिन केरल की परंपराएँ सबसे ऑथेंटिक हैं।  

पोंगल (Pongal): 

यह तमिलनाडु का प्रमुख त्योहार है, लेकिन दक्षिण भारत के अन्य राज्यों (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश) और श्रीलंका में भी मनाया जाता है।  

अंतर (Difference): 

ओणम: केरल-सेंट्रिक।  

पोंगल: तमिलनाडु + अन्य दक्षिणी राज्य।

5. हार्वेस्ट फेस्टिवल का महत्व (Agricultural Significance):

Onam vs Pongal

ओणम (Onam):  

केरल में धान की फसल के अंत में मनाया जाता है। यह समृद्धि और नई फसल के आगमन का प्रतीक है।  

पोंगल (Pongal): 

तमिलनाडु में गन्ना, हल्दी, और चावल की फसल कटाई के बाद मनाया जाता है। यह किसानों के लिए आय का मुख्य स्रोत होता है।  

अंतर (Difference): 

ओणम: धान की फसल।  

पोंगल: गन्ना और चावल।

निष्कर्ष (Conclusion):

Onam vs Pongal दोनों ही प्रकृति, किसानों और संस्कृति को समर्पित हैं, लेकिन इनकी खूबियाँ अलग-अलग हैं। ओणम जहाँ राजा महाबली की वापसी और केरल के इतिहास को दिखाता है, वहीं पोंगल सूर्य देव और पशुओं के प्रति आभार जताता है। अगर आप केरल की विविधता देखना चाहते हैं, तो ओणम के दौरान जाएँ। वहीं, तमिल संस्कृति की गहराई जानने के लिए पोंगल पर तमिलनाडु घूमें। दोनों ही त्योहार भारत की “एकता में अनेकता” को बखूबी दर्शाते हैं!

ओणम और पोंगल से जुड़े सवाल (FAQs):

1: क्या ओणम और पोंगल में कोई समानता है?  

हाँ! दोनों हार्वेस्ट फेस्टिवल हैं, इनमें रंगोली (पुक्कलम/कोलम) बनाई जाती है, और खास पकवान बनते हैं।  

2: पोंगल कितने दिन मनाया जाता है? 

पोंगल 4 दिन: भोगी, सूर्य पोंगल, मट्टू पोंगल, कानुम पोंगल।  

3: ओणम सद्या में कौन-सी डिश ज़रूरी है?  

ओणम सद्या में अवियल (सब्ज़ियों की करी) और पायसम (मीठा पुडिंग) ज़रूरी है।  

4: क्या पोंगल पर जल्लीकट्टू अब भी होता है?  

हाँ, लेकिन यह प्रैक्टिस विवादों में रही है। अब सुरक्षा नियमों के साथ आयोजित किया जाता है।

   

  



  

 

 

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