परिचय (Introduction):
Puthandu 2025 Muhurtham Time जिसे तमिल नववर्ष के रूप में जाना जाता है, चिथिराई महीने के पहले दिन (अप्रैल में) मनाया जाता है। यह त्योहार नई फसल, समृद्धि, और सूर्य की गति के आधार पर नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। 2025 में, यह 14 अप्रैल को मनाया जाएगा, और Puthandu 2025 Muhurtham Time के अनुसार शुभ कार्य किए जाएंगे।
2025 में Puthandu की खासियत (Features of Puthandu in 2025):
वैदिक गणना: 2025 में सूर्य का मेष राशि में प्रवेश (सौरमान पंचांग) 14 अप्रैल सुबह 9:17 बजे होगा।
सांस्कृतिक फ्यूजन: इस साल, पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ-साथ डिजिटल पूजा ऑप्शन भी उपलब्ध होंगे।
Puthandu 2025 Muhurtham Time: शुभ घड़ी और पंचांग (Puthandu 2025 Muhurtham Time: Auspicious time and Panchang):
14 अप्रैल 2025 का शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat of 14 April 2025):
तमिल पंचांग के अनुसार, 2025 में Puthandu का मुख्य मुहूर्त निम्नलिखित समय पर है:
सूर्य संक्रांति: 14 अप्रैल, सुबह 9:17 AM से 10:43 AM तक।
पूजा का श्रेष्ठ समय (Abhijit Muhurtham): दोपहर 12:07 PM से 12:55 PM तक।
नकारात्मक समय (Rahu Kalam): सुबह 7:30 AM से 9:00 AM (इस दौरान शुभ कार्य न करें)।
कैसे तय होता है Muhurtham? (How is Muhurtham decided?):
तमिल ज्योतिष में, Chithirai महीने की शुरुआत सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से तय होती है। 2025 में, निम्न योग शुभ माने जा रहे हैं:
योग: ध्रुव योग (स्थिरता का प्रतीक)।
नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र (समृद्धि और वर्षा का संकेत)।
Puthandu 2025 की तैयारी: रीति-रिवाज़ और पूजा विधि (Puthandu 2025 Preparations: Rituals and Puja Vidhi):
सुबह की शुरुआत कैसे करें? (How to start the morning?):
1. कन्नी देखना (Viewing the Auspicious Sight):
सुबह उठकर तांबे के बर्तन में आम के पत्ते, फूल, सोना, और फल रखें। इसे “कन्नी” कहते हैं और इसे सबसे पहले देखना शुभ माना जाता है।
2. कोलम बनाना (Rangoli with Rice Flour):
घर के प्रवेश द्वार पर पारंपरिक कोलम डिज़ाइन बनाएं। 2025 के ट्रेंड में लोटस और सूर्य के कोलम पॉपुलर हैं।
मंदिर पूजा और प्रसाद (Temple worship and offerings):
प्रमुख मंदिर: मदुरै का मीनाक्षी अम्मन मंदिर और रामेश्वरम मंदिर में विशेष आरती।
प्रसाद: पोंगल, पायसम, और नारियल लड्डू चढ़ाएं।
घर में पूजा विधि (Puja Vidhi at home):
1. कलश स्थापना: तांबे के कलश में जल भरकर आम के पत्ते और नारियल रखें।
2. नए वस्त्र और उपहार: परिवार के सदस्यों को नए कपड़े और “पैसा कुरी” (सिक्के-चावल) उपहार में दें।
Puthandu 2025 में क्या नया है? (What’s new in Puthandu 2025?):
डिजिटल पूजा और लाइव दर्शन (Digital Puja & Live Darshan):
ऑनलाइर पूजा बुकिंग: मीनाक्षी मंदिर की वेबसाइट पर 2025 के लिए स्पेशल पूजा स्लॉट उपलब्ध।
VR Temple Tours: गूगल आर्ट्स एंड कल्चर के जरिए मंदिर का वर्चुअल टूर लें।
सरकारी योजनाएं और इवेंट्स (Government schemes and events):
तमिलनाडु सरकार ने 2025 में “पुथंडु थिरुविज़ा” नाम से 7-दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव की घोषणा की है, जिसमें नृत्य, संगीत, और पारंपरिक खेल शामिल हैं।
Puthandu 2025 Muhurtham Time के अनुसार क्या न करें? (What not to do as per Puthandu 2025 Muhurtham Time?):
वर्जित कार्य (Forbidden actions):
राहु काल में शुभ कार्य: सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक कोई नया काम शुरू न करें।
मांसाहार: इस दिन शाकाहारी भोजन ही करने की सलाह दी जाती है।
Puthandu 2025 के लिए विशेष व्यंजन (सद्या) (Special Dishes for Puthandu 2025 (Sadya):
पारंपरिक डिशेज की रेसिपी (Recipes for traditional dishes):
1. मंगा पचड़ी (कच्चे आम की करी) (Manga Pachadi (Raw Mango Curry):
सामग्री: कच्चा आम, नारियल, मेथी, हल्दी।
विधि: आम को उबालकर नारियल और मसालों के साथ पेस्ट बनाएं।
2. वेल्लम पोंगल (गुड़ पोंगल) (Vellam Pongal (Jaggery Pongal):
टिप: नए चावल और मूंग दाल का उपयोग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):
क्या 2025 में Puthandu 15 अप्रैल को मनाया जाएगा?
नहीं, चिथिराई महीने की शुरुआत 14 अप्रैल 2025 को सुबह 9:17 बजे से होगी, इसलिए Puthandu इसी दिन मनाया जाएगा।
क्या नॉन-तमिल लोग Puthandu मना सकते हैं?
हां! यह त्योहार सभी के लिए खुला है।
कोलम बनाना और पोंगल पकाना सीखकर इसमें शामिल हों।
निष्कर्ष (Conclusion):
मुहूर्त का पालन: Puthandu 2025 Muhurtham Time (12:07 PM से 12:55 PM) में पूजा करें।
संस्कृति को जीवित रखें: युवा पीढ़ी को कोलम और पोंगल बनाना सिखाएं।
डिजिटल अपनाएं: ऑनलाइर पूजा और वर्चुअल इवेंट्स में हिस्सा लें।